Silver Price History & Latest Trend : चांदी के भाव कैसे बदले, पहले कितनी सस्ती थी और आज क्यों महंगी हो गई

Silver Price History & Latest Trend : भारत में चांदी को हमेशा से खास महत्व दिया गया है। हमारे घरों में चांदी के गहने, सिक्के और बर्तन सिर्फ परंपरा का हिस्सा नहीं होते, बल्कि जरूरत पड़ने पर यह काम आने वाली बचत भी मानी जाती है। पहले के समय में लोग थोड़ा-थोड़ा पैसा जोड़कर चांदी खरीद लेते थे, क्योंकि यह सोने के मुकाबले सस्ती होती थी। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। चांदी के भाव इतने बढ़ चुके हैं कि लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ और आगे क्या हो सकता है।

पिछले 20–25 सालों में चांदी के दामों में बड़ा बदलाव आया है। एक समय चांदी कुछ हजार रुपये किलो में मिल जाती थी, लेकिन अब इसके दाम लाखों रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं। यही वजह है कि आज चांदी सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे निवेश के रूप में भी देखा जाने लगा है।

पिछले वर्षों में चांदी के भाव कैसे बढ़ते गए

अगर हम पुराने आंकड़ों को देखें, तो पता चलता है कि चांदी के भाव धीरे-धीरे नहीं, बल्कि कुछ खास सालों में अचानक तेजी से बढ़े। पहले इसकी कीमत कम थी, इसलिए लोग ज्यादा ध्यान नहीं देते थे। लेकिन जैसे-जैसे समय बदला, वैसे-वैसे चांदी की कीमत भी बढ़ती चली गई। नीचे दी गई तालिका से आप आसानी से समझ सकते हैं कि अलग-अलग सालों में चांदी के औसतन भाव क्या रहे हैं।

Silver Price History & Latest Trend
वर्षचांदी का औसत भाव (₹ प्रति किलो)
2000लगभग ₹8,000
2005लगभग ₹11,000
2010लगभग ₹27,000
2015लगभग ₹37,000
2020लगभग ₹63,000
2023लगभग ₹75,000
2024लगभग ₹85,000
2025लगभग ₹95,000
2026 (शुरुआत)₹3,50,000 – ₹4,00,000 ( 29 जनवरी तक )

इस तालिका से साफ दिखाई देता है कि 2000 से 2010 तक चांदी में धीरे-धीरे बढ़त हुई। इसके बाद कुछ साल भाव स्थिर रहे, लेकिन 2020 के बाद चांदी के दाम तेजी से ऊपर जाने लगे।

2020 के बाद चांदी इतनी महंगी क्यों हो गई

2020 के बाद पूरी दुनिया में बहुत कुछ बदल गया। आर्थिक परेशानी बढ़ी, कई देशों में अनिश्चितता का माहौल बना और लोगों ने सुरक्षित चीजों में पैसा लगाना शुरू किया। ऐसे समय में सोने के साथ-साथ चांदी की मांग भी बढ़ गई। इसके अलावा चांदी का इस्तेमाल अब सिर्फ गहनों में नहीं होता। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रिक गाड़ियों में भी चांदी का उपयोग होने लगा है। जब एक ही चीज की मांग गहनों और फैक्ट्रियों दोनों में बढ़ जाती है, तो उसके दाम अपने आप ऊपर चले जाते हैं।

हाल के दिनों में चांदी के भाव में अचानक उछाल क्यों आया

2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में चांदी के भाव अचानक बहुत तेजी से बढ़े। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह रही कि बाजार में चांदी की मांग ज्यादा हो गई, लेकिन सप्लाई उतनी नहीं बढ़ पाई। बड़े निवेशकों ने भी चांदी में पैसा लगाना शुरू कर दिया, जिससे दाम और ऊपर चले गए। इसका असर यह हुआ कि कुछ ही समय में चांदी के भाव ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।

आज चांदी का ताजा भाव कितना है

आज के समय में अलग-अलग शहरों में चांदी के भाव थोड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन कुल मिलाकर कीमत काफी ऊंची बनी हुई है।

वजनताजा भाव (लगभग)
10 ग्राम₹3,800 – ₹4,000
100 ग्राम₹38,000 – ₹40,000
1 किलोग्राम₹3,80,000 – ₹4,00,000

इन भावों को देखकर साफ समझ में आता है कि चांदी अब पहले जैसी सस्ती धातु नहीं रही।

क्या चांदी के दाम हर साल ऐसे ही बढ़ते रहेंगे

यह जरूरी नहीं है कि चांदी के दाम हर साल बढ़ते ही रहें। पहले भी ऐसा हो चुका है कि तेज बढ़त के बाद कुछ समय तक दाम स्थिर रहे या थोड़े नीचे आए। बाजार में उतार-चढ़ाव होना सामान्य बात है। हालांकि लंबे समय की बात करें, तो चांदी का रुझान ऊपर की ओर ही रहा है। यानी कई सालों में इसकी कीमत बढ़ी है, भले ही बीच-बीच में गिरावट आई हो।

अगर कोई व्यक्ति लंबे समय के लिए निवेश करना चाहता है, तो वह चांदी को एक विकल्प के रूप में देख सकता है। लेकिन सिर्फ तेजी देखकर तुरंत खरीद लेना सही नहीं माना जाता। दाम ज्यादा होने पर थोड़ी सावधानी जरूरी होती है। जो लोग गहनों के लिए चांदी खरीदते हैं, उनके लिए यह समय थोड़ा महंगा हो सकता है। वहीं जो लोग निवेश की सोच से खरीदते हैं, वे बाजार की चाल देखकर फैसला लेते हैं।

आगे चांदी को लेकर क्या अनुमान

जानकारों का मानना है कि अगर दुनिया में आर्थिक स्थिति ऐसी ही बनी रहती है और चांदी की औद्योगिक मांग बढ़ती रहती है, तो इसके दाम ऊंचे बने रह सकते हैं। हालांकि बीच-बीच में दाम कुछ नीचे भी आ सकते हैं। कुल मिलाकर चांदी के भावों का यह पूरा सफर यह बताता है कि चांदी सिर्फ पुराने समय की धातु नहीं है, बल्कि आने वाले समय में भी इसकी अहमियत बनी रहने वाली है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

चांदी के दाम इतने क्यों बढ़ गए हैं?
चांदी की मांग गहनों और उद्योग दोनों में बढ़ने से इसके दाम बढ़े हैं।

क्या चांदी के दाम गिर भी सकते हैं?
हां, बाजार में उतार-चढ़ाव आता रहता है, इसलिए गिरावट भी संभव है।

क्या चांदी में निवेश करना ठीक है?
लंबे समय के लिए निवेश करने वाले लोग इसे एक विकल्प मानते हैं, लेकिन सोच-समझकर फैसला लेना जरूरी है।

क्या चांदी पहले फिर सस्ती हो सकती है?
थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन बहुत सस्ती होना फिलहाल मुश्किल माना जा रहा है।

चांदी खरीदने से पहले क्या देखना चाहिए?
दाम का ट्रेंड, अपनी जरूरत और बजट जरूर ध्यान में रखना चाहिए।

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